एल लड़का था उसका नाम विवेक था वो बस ये चाहता था कि उसकी शादी किसी भव्य लड़की से हो पर उसके साथ ऐसा हुआ की एक लड़की मिली उसे नाम सौम्या था वो इस्तेमाल फिर एक चाही थी पर वो किसी को भी बताया था उसने एक सपना देखा की कोई लड़का पिच कर रहा है वो था उसका अपना सपना जैसा पर वो उठा तो देखा विवेक दरवाजा खटका राहा उसने खिड़की से देखा था फिर क्या था वो उठा और गेट खोल ने गया पर गेट का उपयोग करें ही चिट्टी मिली और जल्दबाजी हुई खोली उस पर नाम लिखा नाम था विवेक वो समाज गई वो विवेक ही ह पर वो असल में हुडी पहनने अक्षय था ये था की वो समाज ज्ञी विवेक होगा पर असल वो पर कोई और था जो उस भूत चाहता था पर एक दिन ऐसा हुआ वो लड़का विवेक बहार निकला घर से तबी उसका दुर्घटना हो गया असल में वो दुर्घटना की बात बताना चाहता था सौम्या को पर उसे नहीं बताय अब शुरु हुआ 3 नो लव ट्राएंगल था से क्युंकी अब भी चाहने लगा था क्योंकि सबसे पहले अस्पताल में देखने का उपयोग सौम्या आई थ मैं सौम्या को देख वो उस खड़ा हुआ और फिर गिरा सुर डॉक्टर ने सौम्या को बहार भेजा दिया अब 10 दिन बुरे सपने से जग जब वो घर आ गया था सलसपने में उसे देखा की सौम्या उस लड़के के साथ घुमने पर ये देख कर सपने से उठा और तूरंत बोला आई लव यू सौम्या पर फिर देखा सौम्या ज ही नहीं वो सिद्ध 1.5 बाजे सौम्या के घर पाहुचा और बोला चलो सौम्या याही ह उसकी कार देखी खादी हुई अब कहानी का ही कोई समजो वो बाल्की बाल्की विवेक का चचेरा भाई था और वो गुंडा गार्डी क्रता था सस्पेंस ये ह की लडकी कोई और नहीं बाल्की जो अक्षय था वो था उसे चाहने वाला मैटलैब हम लड़की का चाहने वाला और वो कोई लड़की जैसा अक्षय में चा मतलाब वो अब ऐसा हुआ की वो अक्षय को चाही और वो विवेक को पहले चाहता असल में वो इंस्पेक्टर थी अक्षय को पकड ने के लिए बनी थी क्योंकि वो गुंडा गार्डी नहीं बाल्की खी और काम क्रता था लड़कों का मतलब वेश्यावृत्ति ऐसी और क्या थी हत्या Krna supari lekar matlab in Sab kamo me tha ab ka हनी का अंत .. नैतिक … वो लड़का नहीं था बाल्की रक्षक था समाज पर वो पुलिस वाली बाल्की वो ममोली लड़की थी जिसने इस्तेमाल पाक रास्ता था हम गैंगस्टर को अपने प्यार में फसा कर क्यूंकी वो नहीं चाहता और उसके लिए और बीच कोई ऐ ..ये थ्स जूलियट का प्यारा सा प्यार मतलब परी जैसा परी जैसा..द एंड…ये बहार अखबार में छप गई थी दोनो की प्रेम कहानी क्यों हमें रक्षक के गुंडे ने सबको क्या उनकी साड़ी परिवार को मार दिया था और वो ये नहीं जानते थे की वो मार कर भी अमर ज क्योंकी कहानी हर जगह फेल गई थी जैसे की हवा सी हो और वो दोनो मार्कर भी अमर हो गए और उन दोनो को एक साथ पूरी पूजा के साथ हो गया मातलब चींटी नहीं उसमें आत्मा को कभी शांति नहीं मिली क्योंकि उसकी मौत पर कोई नहीं आया और उन दोनो की मौत पर सब ऐ मतलाब पूरा शहर और उन दोनो की कहानी अमर हो गई… अंत..